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समस्तीपुर में सिने कारोबारी पर टारगेटेड फायरिंग, बाल-बाल बचे, युवक को लगी गोली

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समस्तीपुर में सिने कारोबारी पर हुई फायरिंग की घटना अब महज आपराधिक वारदात नहीं, बल्कि सुनियोजित टारगेटेड अटैक के रूप में देखी जा रही है। समस्तीपुर के नगर थाना क्षेत्र स्थित बहादुरपुर मोहल्ले में मंगलवार देर रात बाइक सवार बदमाशों ने सिने कारोबारी अंटू ईस्सर को निशाना बनाकर ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं। जिस तरीके से हमलावर सीधे कारोबारी के पास पहुंचे और अचानक फायरिंग शुरू की, उससे साफ संकेत मिल रहे हैं कि हमला पहले से तय योजना के तहत किया गया था।हालांकि हमले में कारोबारी बाल-बाल बच गए, लेकिन उनके साथ मौजूद युवक शुभम कुमार उर्फ इशू गोली लगने से घायल हो गया। गोली उसके कंधे में लगी और उसे तत्काल आदर्शनगर स्थित निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों के अनुसार उसकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हमलावर सीधे कारोबारी की ओर बढ़े और बिना किसी विवाद या बहस के अचानक गोलियां चलाने लगे। इससे यह आशंका मजबूत हो रही है कि अपराधियों का उद्देश्य डर फैलाना नहीं, बल्कि खास तौर पर कारोबारी को निशाना बनाना था। वारदात के बाद अपराधी बेहद तेजी से जितवारपुर की दिशा में भाग निकले, जिससे उनकी तैयारी और इलाके की जानकारी भी साफ झलकती है।सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे इलाके को घेरकर जांच शुरू कर दी। थानाध्यक्ष अजीत कुमार ने बताया कि घटना को टारगेटेड अटैक मानते हुए पुराने विवाद, कारोबारी प्रतिद्वंद्विता और आपसी रंजिश जैसे सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है। आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और संदिग्धों की पहचान की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। सदर एसडीपीओ-1 संजय कुमार पांडेय भी घटनास्थल पहुंचकर जांच की मॉनिटरिंग कर रहे हैं।इस सनसनीखेज घटना के बाद बहादुरपुर इलाके में दहशत का माहौल है। स्थानीय लोग इसे योजनाबद्ध हमला मान रहे हैं और सुरक्षा को लेकर चिंता जता रहे हैं। पुलिस का दावा है कि जल्द ही हमलावरों की पहचान कर गिरफ्तारी कर ली जाएगी, जबकि इस घटना ने शहर में सक्रिय अपराधी गिरोहों की मौजूदगी और उनकी बढ़ती हिम्मत को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बताते चलें कि,समस्तीपुर में जिस तरह खुलेआम टारगेट कर फायरिंग की घटना सामने आई है, वह साफ संकेत है कि अपराधियों के मन से पुलिस का खौफ कम होता जा रहा है। रिहायशी इलाके में इस तरह की सुनियोजित वारदात न केवल कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, बल्कि आम लोगों की सुरक्षा भावना को भी कमजोर करती है। जरूरत है कि पुलिस केवल गिरफ्तारी तक सीमित न रहे, बल्कि ऐसे गिरोहों की जड़ तक पहुंचकर स्थायी कार्रवाई करे, ताकि शहर में भरोसे का माहौल फिर से कायम हो सके।

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